सोमवार, 10 फ़रवरी 2025

Maafinaama

 एक माफ़ी नामा लिखा जाना चाहिए तमाम उन सब लोगो के नाम जिन्हे मैंने पिछले दिनों नज़रन्दाज़ किया | 

एक माफीनामा उन लोगो के लिए भी लिखा जाना चाहिए जिन्हे मैंने जरुरत से ज्यादा प्राथमिकता दी | हालाँकि प्राथमिकता में केवल एक ही शख्स शामिल है , और नज़रअंदाज़ लोगो की सूची बहुत ही लम्बी है |

किसी एक मानव विशेष को चुन लेना वो नहीं बिना परखे , उस स्थिति में जबकि उसका अनुभव जीवन को लेकर लगभग न के बराबर हो , और जितना है  भी वो भी केवल नकारात्मक हो | ऐसे किसी भी उक्त व्यक्ति पर लगाया गया समय एवं लगाव बेकार साबित हो जाता है | इस भावनात्मक लगाव का कई बार आपको भयंकर परिणाम भुगतना पड़ता है | ऐसे में जब परिणाम भुगतने की बारी आती है तो  हमे केवल वही लोग याद आते है , जिन्हे हमने ठीक उस समय पर नज़रअंदाज़ किया था, जिस समय पर आप व्यक्ति विशेष को तहरिज दे रहे थे | 

ऐसे में पहले उस व्यक्ति विशेष के लिए माफीनामा बनता है जिसके लिए हम भावनात्क रूप से अति से भी परे मौजूद थे , क्योकि गलती तो मैंने की थी अपनी भावनाव को काबू में न रख कर , अपने ही बनाये हुए सिद्धांतो को तोड़ कर ,  हज़ार गलती माफ़ कर | 

फिर उन लोगो से माफ़ी मांगनी चाहिए , जो भावनात्मक रूप से हमसे उस समय भी जुड़े रहे जब मैं उन्हें नज़रन्दाज़ कर रहा था |  उन्हें पता होते हुए भी वो केवल मूक बन कर सब देख रहे थे ,बस मेरे वापिस आने तक, और भयंकर परिणाम आने तक उन्होंने प्रतीक्षा की , जबकि उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा था | ऐसे लोगो की सूची बहुत लम्बी है |मेरा परिवार , सभी वो लोग जो मुझसे पढ़ते है , मेरी किताबे , मेरा काम, मेरा कीमती समय , और मेरी मानसिक स्थिति | क्योकि इन सब को पता था जो हो रहा है वो ठीक नहीं , किन्तु फिर भी उन्होंने मेरी इन गलतियों को नज़रअंदाज़ किया | हैरानी इस बात की है की जिन लोगो के साथ मैं हर स्थिति में खड़ा रहा , उन्होंने मुझे एक पल में नज़रअंदाज़ कर दिया और जो जिन्हे मैंने नज़रन्दाज़ किया वो ठीक उसी पल से मेरे  साथ  आकर खड़े हो गए | ऐसे लोगो ने न केवल मुझे संभाला किन्तु मुझे मानसिक तौर पर मजबूत भी रखा | 

समय ने सिखाया की किसी एक को प्राथमिकता देना खतरे से खाली नहीं जब तक उक्त व्यक्ति के बारे में पूर्ण जानकारी न हो | दूसरी और ऐसे लोगो को भी नज़रन्दाज़ किया जो केवल मुझे तब भी प्राथमिकता दे रहे थे | खैर समय ने फिर से एक नया पाठ पढ़ाया , क्योकि हम गलतीयों से ही सीखते है |

1 टिप्पणी:

  1. Hmesha aapke Sath hai.. Aapse jitna sikhne ko mila shayad hi khi or se.. . Khte hain life is a learning. Aap sikhte rho y aapki khoobi h. . Thanks for everything ☺

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